बुधवार, 12 जुलाई 2017

रिमझिम गिरे सावन....

नमस्कार..
आज सुनिए सावन महीने का दूसरा गीत
रिमझिम गिरे सावन
सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
पहले सुनिए आवाज में...



अब इसी गीत को सुनिए साज में



सादर

1 टिप्पणी:

मोहब्बत बरसा देना तू...

सादर नमस्कार.. सावनी गीत में आज मोहब्बत बरसा देना तू, सावन आया है तेरे और मेरे मिलने का, मौसम आया है सबसे छुपा के तुझे सीने से ल...